UP Kisan News: यूपी के किसानों के लिए खुशखबरी है। इस बार योगी सरकार ने गेहूं के समर्थन मूल्य में 150 रुपये की बढ़ोतरी की है। सरकार के इस फैसले के बाद गेहूं खरीद प्रक्रिया की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसको लेकर क्रय केंद्र निर्धारण, किसान पंजीकरण समेत अन्य कागजी कार्रवाई युद्ध स्तर पर चल रही है। शाहजहांपुर में एक मार्च से शुरू होने वाली गेहूं खरीद के लिए किसान पंजीकरण के लिए पोर्टल खोल दिया गया है।
जिसमें अब तक 350 किसानों ने पंजीकरण करा लिया है। इस बार 2425 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं खरीदा जाएगा। पिछले साल 2275 रुपये के हिसाब से गेहूं खरीदा गया था। जिला विपणन अधिकारी कार्यालय की ओर से गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्रों की सूची भी तैयार कर ली गई है।
इसे जिला खरीद अधिकारी को भेज दिया गया है, उम्मीद है कि इसी सप्ताह क्रय केंद्रों की सूची फाइनल हो जाएगी। पंजीकरण के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी किसानों को गेहूं बेचने के लिए अपना पंजीकरण कराने के लिए पोर्टल पर खसरा, खतौनी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक आदि का विवरण भरना होगा। जो पहले से पंजीकृत हैं, उन्हें सिर्फ नवीनीकरण कराना होगा।
डिप्टी आरएमओ राकेश मोहन पांडेय ने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक गेहूं का पंजीकरण कराएं। इस बार सरकार ने 150 रुपये प्रति कुंतल मूल्य में बढ़ोतरी की है, किसान इसका लाभ उठाएं। पंजीकरण ऑनलाइन जन सेवा केंद्र पर जाकर कराया जा सकता है। क्रय केंद्र निर्धारित करने के लिए विचार-विमर्श चल रहा है। फाइल अनुमोदन के लिए जिला क्रय अधिकारी के पास गई है।
पीलीभीत में गेहूं खरीद के लिए किसानों का पंजीकरण शुरू पीलीभीत में इस समय धान की सरकारी खरीद चल रही है। यह खरीद 31 जनवरी तक जारी रहेगी। गेहूं खरीद को लेकर सरकार ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
गेहूं खरीद के लिए किसानों का पंजीकरण शुरू कर दिया गया है। जिले में संचालित केंद्रों पर किसानों से भूमि संबंधी प्रपत्र लेकर पंजीकरण कराया जा रहा है। इस पंजीकरण के बाद ही किसान अपना गेहूं सरकारी केंद्र पर बेच सकेंगे। डीएफएमओ विजय कुमार ने बताया कि धान खरीद की प्रक्रिया अब लगभग अंतिम चरण में है।
औपचारिक रूप से अधिकृत सूचना रिपोर्ट 31 को शासन को भेज दी जाएगी। गेहूं खरीद के लिए पंजीकरण व्यवस्था शुरू कर दी गई है। केंद्रों पर मौजूद केंद्र प्रभारियों और संबंधित एजेंसी के जिला प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गेहूं खरीद के लिए केंद्र पर आने वाले किसानों का पंजीकरण करना शुरू कर दें। अगर इस मामले में कहीं भी कोई लापरवाही पाई जाती है तो इस संबंध में कार्रवाई की जाएगी।