RBI Rules For Bank : अचानक इस बैंक में क्यों लगने लगी भीड़, क्या यह बैंक भी डूब जाएगा, जानिए पूरी खबर।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

RBI Rules For Bank : बैंकों पर पूरा तरह से नियंत्रण RBI का रहता है। प्राइवेट बैंक से लेकर सरकारी बैंक का देखभाल आरबीआई ही करता है। जब भी कोई बैंक डूबने की कगार पर आता है तो उस बैंक के ग्राहक परेशान हो जाते हैं। क्योंकि बैंक में जमा राशि ग्राहकों को पूरा नहीं मिल पाता है। आखिर ऐसा क्या हुआ की न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक के तरफ ग्राहक दौड़े चले जा रहे हैं, अचानक बैंक में लोगों की भीड़ लग गई। क्या न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक आने वाले दिनों में डूब जाएगा? आईए जानते हैं पूरी खबर विस्तार से।

RBI Rules For Bank

बता दे की नई वित्तीय संकट में पड़ा न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक जो बीच वर्ष 2024 तक लगातार 2 वर्षों में घाटे में चल रहा है। मार्च 2024 के अंत में बैंक की लोन बुक 1174.85 करोड रुपए थी। जबकि जमा राशि 2436.38 करोड रुपए तक पहुंच गया था। इस बैंक की जमा राशि का लगभग 60% हिस्सा तक 1 से 3 साल की मैच्योरिटी अवधि में है। इसके अलावा इसके लोन पोर्टफोलियो का तीन चौथाई हिस्सा रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश है। इस स्थिति में बैंक की स्थिरता पर गंभीर प्रश्न भी उठाए गए हैं।

रियल एस्टेट में बढ़ता जोखिम

बैंक का रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश वित्त वर्ष 2020 में 11 पॉइंट 4% से बढ़कर वित्त वर्ष 2024 में 35.6% तक हो गया। वहीं वित्त वर्ष 2024 के अंत तक इसका रियल एस्टेट एक्स्पोज़र 418.34 करोड़ था। जिसमें रेजिडेंशियल और कमर्शियल दोनों सेगमेंट मौजूद थे। इस बढ़ते एक्स्पोज़र ने बैंक की संपत्ति की गुणवत्ता को प्रभावित किया है, जिसका साक्ष्य बैंक के बढ़ते गैर निष्पादित संपत्ति अनुपात में देखा जा सकता है जो कि मार्च 2024 तक 7.96% तक पहुंच गया।

RBI ने इस बाइक पर लगाया प्रतिबंध

बता दे की बैंक के पास पर्याप्त जमा पूंजी नहीं होने के कारण भारतीय रिजर्व बैंक के तरफ से न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक पर कड़ी प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। इन प्रतिबंधों में जमा करता हूं द्वारा धान की निकासी पर रोक लगा दिया गया है। जिससे कि बैंक से कोई भी नए लोन वितरित नहीं कर सकते हैं और ना ही नई जमा स्वीकार कर सकता है यह निर्देश 6 महीने के लिए लगाया गया है और इसने बैंक के संचालन क्षमता पर भी गहरा प्रभाव डाल दिया है।

आरबीआई के प्रबंध के बाद ग्राहक की लगने लगी भीड़

अब जैसे ही न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक (New India Co-operative Bank) पर प्रतिबंध लगाया गया तब ग्राहक के भीड़ बैंक की ओर बढ़ने लगी। लगातार ग्राहक बैंक आ रहे हैं। ग्राहक अपने पैसे निकालने की पूरी तरह से कोशिश कर रहे हैं। क्योंकि ग्राहक का पैसा इस बैंक में फंसा हुआ है। लोग सो रहे हैं कि यह बैंक आने वाले दिनों में डूब ना जाए।

आरबीआई के इस अचानक निर्णय के बाद बैंक के अनेक जमा करता अपने धन की वापसी के लिए बहुत ज्यादा चिंतित हो गए हैं। हालांकि प्रत्येक जमाकर्ताओं की 5 लाख तक ही जमा राशि बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम के तहत सुरक्षित मिलेगा। जो कुछ हद तक जमा कर्ताओं को आश्वासन भी देता है।

इस प्रकार न्यू इंडिया कोऑपरेटिव बैंक की वर्तमान स्थिति न केवल बैंक के लिए बल्कि समूचे सहकारी बैंकिंग सेक्टर के लिए चेतावनी है। इससे सहकारी बैंक की निगरानी और विलियम में सुधार की आवश्यकता पर बल मिलता है ताकि ऐसे संकट को भविष्य में टाला जा सके।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Leave a Comment