Income Tax : वर्तमान समय में पैन कार्ड सभी कामों में लगता है बता दें कि पैन कार्ड यानी परमानेंट अकाउंट नंबर हर कर डाटा के लिए अनिवार्य होते हैं। वही यह एक 10 अंकों की विशिष्ट अल्फा न्यूमेरिक पहचान संख्या होता है। बता की पैन कार्ड का प्रयोग विभिन्न वित्तीय गतिविधियों के लिए किए जाते हैं। जैसे की बड़ी राशि का भुगतान कर का भुगतान, और बैंक खाता खोलना। वही यह कार्ड भारत के आयकर विभाग द्वारा आवंटित किए जाते हैं।
क्या एक से ज्यादा PAN Card रखना है लीगल,जानिए नीचे की लेख में
बता दे कि कई लोग अनजाने में एक से अधिक पैन कार्ड (PAN Card) बनवा लेती हैं लेकिन यह अवैध है। क्योंकि आयकर अधिनियम के क्षेत्र 139 ए (7) के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक से अधिक पैन कार्ड के लिए आवेदन नहीं कर सकती हैं। और ना ही रख सकते हैं वही एक से ज्यादा पैन कार्ड रखना कानूनी रूप से सही नहीं होता है। ऐसे में यदि किसी के पास एक से ज्यादा पैन कार्ड उपलब्ध है तो उन्हें तुरंत एक को रद्द करने चाहिए ताकि किसी भी कानूनी समस्या से बचा जा सके।
वही कोई भी व्यक्ति एक से ज्यादा पैन कार्ड नहीं रख सकते हैं। लेकिन पैन कार्ड नंबर की दो फिजिकल कॉपी रखे जा सकते हैं। जिसमें से एक कॉपी को लीगल और दूसरी कॉपी को डुप्लीकेट माने जाते हैं।
एक से ज्यादा पैन कार्ड रखने पर कितना भरना होगा जुर्माना, जानिए नीचे की लेख में
आपको बता दें कि एक से ज्यादा पैन कार्ड रखने पर भारी जुर्माना देना पड़ेगा। वही आयकर अधिनियम सेक्शन 272 बि के अंतर्गत जिनके भी पास एक से अधिक पैन कार्ड उपलब्ध है। उनके ₹10000 के जमाने का भुगतान करने होंगे वहीं यदि पैन कार्ड में गलत जानकारी दिए जाते हैं तो भी जमाने का भुगतान करना पड़ सकता है।
करदाताओं के लिए जरूरी है PAN Card
बताने की पैन कार्ड सभी वित्तीय लेनदेन के लिए अनिवार्य डॉक्यूमेंट होता है इससे पैसे के लेनदेन को ट्रैक करना सरल होता है। क्योंकि टैक्स का भुगतान करते समय, टैक्स रिफंड प्राप्त करने में और आयकर विभाग से किसी भी संचार के लिए पैन कार्ड महत्वपूर्ण होता है। वहीं इसके अलावा आयकर विभाग ने पैन कार्ड और आधार कार्ड को लिंक करना भी आवश्यक बना दिए हैं। वही इस प्रकार पैन कार्ड वित्तीय अधूरे मामलों और टैक्स संबंधित प्रक्रियाओं में एक आवश्यक उपकरण के रूप में कार्य करते हैं।