Bihar Teacher News : बिहार में इन दिनों सरकारी शिक्षकों पर नए फरमान जारी किए गए हैं। बता दे की 97000 टीचरों को नौकरी जाने का खतरा बना हुआ है। ऐसा क्यों आईए जानते हैं पूरी खबर विस्तार से।
Bihar Teacher News : बिहार में शिक्षकों के नौकरी पर खतरा
बिहार में शिक्षा विभाग की तरफ से शिक्षकों को नए-नए टाक दिए जाते हैं। टास्क के साथ-साथ नए-नए फरमान बिजली किए जाते हैं। बिहार भर में 97000 ऐसे शिक्षक हैं जिनका प्रशिक्षण प्रमाण पत्र ई-शिक्षा कोश पोर्टल पर अपलोड नहीं किए गए हैं। पोर्टल के अनुसार इन शिक्षकों ने चालू वित्त वर्ष 2024 -25 में एक बार भी सेवाकालीन प्रशिक्षण प्राप्त नहीं किए हैं। इनको इस वर्ष एक बार भी प्रशिक्षण के लिए किसी भी संस्थान में टैग नहीं किए गए हैं।
बिहार के सरकारी विद्यालय में कार्यरत शिक्षक को कम से कम 1 साल में एक बार प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया गया है। मालूम होना चाहिए कि राज्य भर में कुल 5:30 लाख से अधिक शिक्षक मौजूद हैं।
शिक्षक के साथ-साथ DEO पर भी होगा कार्यवाही।
नए आदेश के अनुसार शिक्षकों को हर हालत में प्रमाण पत्र को मार्च तक अपलोड करना होगा। अगर शिक्षक ऐसा नहीं करते हैं तो संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और शिक्षकों को पर कार्रवाई किया जाएगा। साथ ही साथ शिक्षक वेतन वृद्धि के लाभ से भी उन्हें वंचित कर दिया जा सकता है।
इस बात पर DEO को निर्देश दिए गए हैं कि शिक्षकों को हर हाल में ई-शिक्षा पोस्ट पोर्टल पर प्रोफाइल अपडेट करना सुनिश्चित करना होगा। ताकि शिक्षकों को प्रशिक्षण प्राप्त करने में दिक्कत ना हो। सिर्फ शिक्षकों को जल्द ही प्रशिक्षण संस्थान से टैग कर प्रशिक्षण करवाना सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
पूरे पटना में 1819 शिक्षक का का प्रमाण पत्र पोर्टल पर उपलब्ध नहीं।
पटना जिला में ही 1819 ऐसे शिक्षक हैं जिनका प्रमाण पत्र ई शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड नहीं हुआ है। इनमें से संपतचक, फुलवारी शरीफ, पुनपुन, ग्रामीण और पटना सदर शहरी, पालीगंज पंडारक, नौबतपुर, मसौढ़ी, मोकामा, खुसरूपुर, घुस्वारी, फतुहा, दुल्हन बाजार, दानापुर, मनेर, बिहटा, विक्रम, बाढ़, बख्तियारपुर प्रखंड के शिक्षक भी शामिल हैं।
जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजी गई सूची
बता दे कि विभाग के अनुसार हर जिले में ऐसे शिक्षक को चिन्हित किए गए हैं। विभाग को इसकी सूची भी जिला के शिक्षा पदाधिकारी को भेज दिए गए हैं। Deo अपने अपने जिला के अंतर्गत संस्थानों में इस सूची को भेजेंगे।
आपको मालूम होना चाहिए कि सतत व्यवसायिक विकास सीडी योजना के तहत राज्य के सरकारी विद्यालय में कार्यरत शिक्षक का पांच दिवसीय सेवाकालीन प्रशिक्षण संचालित है। यह प्रशिक्षण शिक्षकों को कक्षा में पढ़ने के कौशल विकास के लिए दिया जा रहा है। ताकि शिक्षक कक्षा में अपने विषय से संबंधित टॉपिक को बेहतर से बेहतर तरीके से समझ सके।